Ram Navami 2022

Ram Navami 2022, शुभ मुहूर्त, 5 ध्यान देने योग्य बातें

Ramnawmi 2019, शुभ मुहूर्त, 5 ध्यान देने योग्य बातें

नमस्कार दोस्तों, जैसा कि हम जानते हैं, प्रतिवर्ष चैत्र मास शुक्ल पक्ष नवमी तिथि को भगवान श्री राम के जन्मदिन के उपलक्ष में समस्त भारत में हिन्दू धर्मावलम्बी रामनवमी का त्यौहार मानते हैं |

आइये जाने इसका महत्व, तिथि, शुभ मुहूर्त, शुभ संयोग तथा वो 5 मत्वपूर्ण बातें जिसके पालन करने का सन्देश हमें राम जी के जीवनकाल के गहन अध्ययन करने के फलस्वरूप मिलता है |

Ramnawmi 2022 महत्व 

हिन्दू धर्म में इस पर्व का बहुत महत्व है | इस अवसर पर जगह-जगह रामायण पाठ, कीर्तन-भजन, रामलीला आदि का आयोजन किया जाता है | इससे हमें उनके जीवन में घटी घटनाओं के पुनरावलोकन का शुभ अवसर प्राप्त होता है | उसमे छिपे सन्देश को को समझकर और उसका पालन कर हम अपना और समाज का कल्याण कर सकते हैं | इस दिन पूजा-पाठ और दान-धर्म बहुत फलदायक होता है |

Ram Navami 2022 तिथि 

हिन्दू धर्म में प्रतिवर्ष चैत्र मास शुक्ल पक्ष नवमी तिथि को पुनर्वसु नक्षत्र में रामनवमी मनया जाता है | ऐसा मानना है की ऐसी तिथि और नक्षत्र में मध्यान्ह काल में भगवान श्री राम का पदार्पण पृथ्वी लोक पर हुआ था | इस बार यह पर्व 10 अप्रैल को मनाया जायेगा | क्योंकि नवमी तिथि 9 अप्रैल से शुरू होकर 10 अप्रैल को समाप्त हो रहा है |

Ram Navami 2022 शुभ मुहूर्त 

इस बार 10 अप्रैल को सुबह 11:06:35 के बाद नवमी तिथि का प्रवेश हो जायेगा जो कि 10 अप्रैल हे सुबह 13:39:01 बजे तक रहेगा | लेकिन वैष्णव मतानुसार रविपुष्य नक्षत्र और सर्वार्थसिद्धि योग 10 अप्रैल सुबह 13:39:01 तक रहेगा |

Ramnawmi 2019, शुभ मुहूर्त, 5 ध्यान देने योग्य बातें

Ram Navami 2022, 5 ध्यान देने योग्य बातें 

१. माता-पिता की सेवा 

दशरथ पुत्र श्री राम के जीवनकाल का यदि हम गहन अध्ययन करें तो हम पाएंगे की उन्होंने सदा अपने माता-पिता की सेवा की जो कि हमें भी ऐसा करने का सन्देश देती है |

२. आज्ञापालन  

जब श्री राम को १४ वर्ष के वनवास जैसा कठिन आदेश मिला तो ऐसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया | क्योंकि उन्होंने समझा कि इस कठिन निर्णय के पीछे अवश्य कोई महान उद्देश्य छिपा होगा | और ऐसा ही हुआ | उनके वनवास के कारण ही रावण का अंत हो सका | अतः हमें भी अपने माता-पिता या शिक्षक द्वारा लिए गए कठिन निर्णय के पीछे के उद्देश्य को समझने का प्रयास करना चाहिए |

३. वनों की रक्षा 

भगवान श्री राम ने अपने १४ वर्ष वन में बिताये | वन ने न केवल उनको आश्रय दिया बल्कि उनकी रक्षा भी की | यह घटना हमें सन्देश देती है की यदि हम वनों की रक्षा करेंगे तो वो हमारी रक्षा करेंगे | वैसे भी हम जानते हैं की पेड़ पौधे न केवल हमें ऑक्सीजन, फल, और बहुमूल्य जड़ी-बूटियां प्रदान करते हैं बल्कि अंधी-तूफान और मिट्टी हे कटाव से भी हमारी रक्षा करते हैं | इसलिए हमें वनों की रक्षा करनी चाहिए |

४. धर्म और सम्मान की रक्षा 

जब माता सीता का अपहरण हुआ तो वे अपने धर्म और सम्मान की रक्षा के लिए रावण जैसे अतिबलशाली योद्धा से भी लड़ने से पीछे नहीं हटे और उसका अंत कर अपने धर्म और सम्मान की रक्षा की | अतः हमें भी अपने परिवार, समाज, देश, धर्म और सम्मान की रक्षा किसी भी कीमत पर करनी चाहिए |

५. प्रेम 

युद्ध में उन्होंने वन्यजीवों का लिया और विजय पताका लहराइ | हनुमान जी ने हर पल उनका साथ दिया | अतः हमें सभी जीवों से प्रेम करना चाहिए | क्योंकि यदि हम उनसे प्रेम करेंगे तो वो भी किसी न किसी तरीके से हमारी सहायता अवश्य करेंगे |

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