heart touching gay love

An interesting heart touching cute love story in Hindi कर लेने दो

नमस्कार दोस्तों यह एक ऐसी Interesting heart touching love story है जिसमे शरारत भी है और शराफत भी है | इनकार भी है और इजहार भी | जुदाई की वो कठिन रातें भी है और मिलन के बाद की प्यार भरी बातें भी है | लेकिन सब एक अलग ही अंदाज में | So don’t miss it. This is the best heart touching love story ever. This is a heart touching gay love story in Hindi.

दोस्तों मैंने पहले भी अनेकों love stories publish किये हैं | जैसे Heart thrilling love story, Heart touching love story क्यों खोई रहती हो, Love story of two friends , A painful story of coronavirus आदि |  आपने इसे बहुत पसंद किया | इसी से उत्साहित होकर मैं यह ‘Interesting heart touching love story कर लेने दो ‘ लिख रहा हूँ | मुझे आशा ही नहीं विश्वास है की यह आपको बहुत पसंद आएगी |

Heart touching love story

तो आइये शुरू करते हैं यह Interesting heart touching love story.

प्रथम ( काल्पनिक नाम ) वैसे तो पढ़ने में बहुत अच्छा था | सभी क्लास में अव्वल आकर अपने नाम को सार्थक कर रहा था | लेकिन जब वह कॉलेज की शिक्षा प्राप्त करने शहर आया तो प्रिया ( काल्पनिक नाम ) नाम की एक लड़की से मन ही मन प्यार कर बैठा | जब भी वह उसे देखता था तो चाहत भरी निगाहों से देखता था | लड़की को उसका उसे इस तरह देखना अच्छा नहीं लग रहा था | इसलिए एक दिन प्रिया प्रथम से मिली और उसे कहने लगी-

क्यों देखते हो ऐसी नजरों से, यह हमें तो क्या,
ज़माने को भी गंवारा नहीं होता |
मत बढ़ो इस प्यार के सागर में आगे,
इस सागर का कोई किनारा नहीं होता |

इसपर प्रथम ने जबाब दिया

कर लेने दो, दो बातें, नजरों को नजरों से,
ये नजरें जो न होती तो यह नजारा भी न होता,
प्रेमियों का ज़माने में गुजरा भी न होता,
बंद होठों से बातें कैसे कर पाते भला,
यदि बातें करने के लिए नजरों का सहारा न होता |

कौन चाहता है प्यार की दरिया में किनारा मिले,
हम तो बहते चले जाएँ दूर तक,
यदि उस सफर में हमें तुम्हारा साथ मिले |

इतना कहने के बाद भी प्रथम ने प्रिया की आँखों में इनकार देखा | फिर थोड़ी देर सोचा और कह दिया –

पर यदि तुम्हे नहीं है मंजूर,
तो मैं नहीं करूँगा तुम्हे मजबूर |
अब कभी न ढूंढेंगी तुम्हे मेरी ये निगाहें,
आज से ही अलग हो जाएँगी,
तुम्हारी और मेरी राहें |

इतना कहकर वह वहीँ से नहीं बल्कि उस शहर से ही दूर चला गया | वह अपने माता-पिता के सपनों और उससे किये गए वादों  को पूरा करने में जी-जान से  लग गया | लेकिन उस मुलाकात  के बाद लड़की का मन ही नहीं लग रहा था | बेवस होकर उसने उस लड़के को पत्र लिखा |

न जाने कैसी वो घड़ी थी,
जब तुमसे मुलाकात हुई,
उस छोटी सी मुलाकात में,
कुछ तो बात हुई,
तुमने तो आसानी से बदल ली,
अपनी राहें,
पर न जाने क्यों अब,
तुम्हे ही ढूंढ़ती है मेरी निगाहें | 

बरबस याद आ जाते हैं,
मुलाकात के वो पल,
फिर क्या होता है कैसे बताऊँ,
बस इतना जान लो,
बिखर जाता है चेहरे पर,
आँखों का काजल | 

प्रथम ने पत्र पढ़ा और एक जबाबी पत्र लिखा

तुम मुझे याद कर चाहे कितना भी रो लो,
पर मैं तुम्हे कभी करता नहीं याद | 
शायद मेरी ये बातें तुम्हे गलत लगे पर,
सच तो है यही बात |

याद तो उसे किया जाता है जो हो दूर,
तुम तो मेरे दिल में धड़कन बन,
धड़कती रहती हो बदस्तूर | 

अब जब तुमने भी कर ही दिया,
अपने प्यार का इजहार,
जल्द ही दिन आएंगे हमारे मिलान की,
बस कर लो थोड़ा सा इंतजार | 

अभी तो मैं बंधा हूँ कसमों की जंजीरों से,
जंग बांकी है अभी अपने किस्मत की लकीरों से | 
कर लेने दो तय हमें मंजिल तक की वो दूरी,
हमारे न मिल पाने की है जो सबसे बड़ी मजबूरी | 

बस इतना रखो विश्वास,
वह हसीं पल आएगा जरूर जब,
तुम्हारा दिलवर 
होगा तुम्हारे पास | 

इसके बाद प्रथम अपने प्रथम लक्ष्य की तरफ बढ़ चला | उसकी मेहनत रंग लायी | उसे एक अच्छा जॉब मिल गया | अब प्रिया से किये गए वादे को निभाने का वक्त था | अंततः दोनों का मिलन हुआ और प्रथम गुनगुनाने लगा

तेरी मदहोश निगाहों में उतर जाने को दिल चाहे,
बड़ा लम्बा था इंतजार इस पल का,
बिरह की आग में जलकर,
बुरा हाल था इस दिल का,
अब तो तेरी गर्म सांसो से पिघल जाने को दिल चाहे | 

इस Heart touching love story का उद्देश्य 

इस love story के द्वारा मैं यह कहना चाहता हूँ की आपके माता-पिता ने आपके ही उज्जवल भविष्य के लिए आपसे जो उम्मीदें की है, पहले आप उसे पूरा करें उसके बाद ही दुसरे वादों को तबज्जु दें |

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